गोधुली सी शाम

By कविता, हिंदी

Hindi Poetry/Quotes/Status चुप है ये आकाश ये धरती भी चुप है बस इंतज़ार है … In Hindi गोधुली सी शाम की तनहा चमकती रौशनी रोपी

चंद साँसें

By कविता, हिंदी

Hindi Poetry/Quotes/Status साँस अटकी हुई थी सीने में, तुमने रस्ते बदल लिए थे अपने जीने के। हम अकेले ही जिये जायेंगे न कहानी न परवाज़

तेरा हाँथ थामे

ख़ौफ़ हो गया है अब कभी यहीं इसी गुलशन में तुम्हारा हाँथ हांथों में लिए घूमा करता था। In Hindi तेरा हाँथ थामे इसी मंजरे-रक़्स

मेरे गुमनाम घर

तुम्हारी साँसों की महक से ज़िन्दगी बंधी है मेरी, अब घुटन तकलीफ़ देती है। In Hindi मेरे गुमनाम घर में मुझसा ही बसता है कोई