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हम तो सभी इंसान

हम तो सभी इंसान

Hindi Poetry/Quotes/Status कितने बँट गए हैं हम, कभी ख़ुदा के नाम पे, कभी मज़हब के नाम पे, कभी संस्कृती के नाम पे, कभी खाने के नाम पे। जाने कौन बांटता है हमे पर कितने बँट गए हैं हम। In Hindi...

/ October 15, 2018
कैसे छोटी सी बात पे उस दिन लड़ पड़े थे हम और कनखियों से बुन रहे थे प्यार के किस्से जो आँखें दोस्ती का हाँथ थामे आगे बढ़ती थीं तो शक्लें यूँ बनाते थे के जैसे जानते न हों बड़ी कोशिश की चेहरे ने तुम्हें गुस्सा दिखाने की फ़क़त ये सोच में बैठे की खुद से रुसवाई करें कैसे तेरे आँखों के आईने मेँ तो हम ही रहते हैं कैसे छोटी सी बात पे उस दिन लड़ पड़े थे हम

छोटी सी बात

Hindi Poetry/Quotes/Status तुमसे नाराज़ होने और खुद से नाराज़ होने में फ़र्क ही नहीं, कैसी छोटी सी बात पे उस दिन लड़ पड़े थे हम। In Hindi कैसे छोटी सी बात पे उस दिन लड़ पड़े थे हम और कनखियों...

/ October 11, 2018
दराज़ में पड़े कुछ पुराने ख़त कुछ आदतन किये तुम्हारे वादे कुछ सुखी पंखुड़ियाँ ग़ुलाबों की रात भर करवटें बदलते हैं

करवटें बदलते हैं

Hindi Poetry/Quotes/Status नींद का सौदा तुम्हारी यादों से हो गया। यादें तो पास में हैं गूंजती नींद तुम ले चली गयी। In Hindi दराज़ में पड़े कुछ पुराने ख़त कुछ आदतन किये तुम्हारे वादे कुछ सुखी पंखुड़ियाँ ग़ुलाबों की रात...

/ October 8, 2018
पर लगी आंखों से तुमको बरसते देखा है

पर लगी आंखें

Hindi Poetry/Quotes/Status तेरा एहसास भी मुझे हवा में उडा ले चलता है, दुनिया अलग ही हसीन दिखती है बस तेरे होने से। In Hindi पर लगी आंखों से तुमको बरसते देखा है बूँद-दर-बूँद खुद को भी बहकते देखा है हवा...

/ October 1, 2018
नज़र आयी

नज़र आयी

Hindi Poetry/Quotes/Status तुम ही तुम दिखती हो यहाँ से वहां तक। In Hindi चश्मों को चश्मों के झरोंखे से देखा तो भी तुम ही नज़र आयी हर चेहरा तुम्हारे जैसा दिखा हर चीज़ तुम जैसी नज़र आयी लगा की चश्में...

/ September 24, 2018
गोधुली सी शाम

गोधुली सी शाम

Hindi Poetry/Quotes/Status चुप है ये आकाश ये धरती भी चुप है बस इंतज़ार है … In Hindi गोधुली सी शाम की तनहा चमकती रौशनी रोपी तुमने हाँथ पे तनहा चमकती रौशनी कुछ शक्लें बनायीं थी ज़मीं पे रौशनी को रोप...

/ September 24, 2018