तेरा हाँथ थामे

ख़ौफ़ हो गया है अब कभी यहीं इसी गुलशन में तुम्हारा हाँथ हांथों में लिए घूमा करता था। In Hindi तेरा हाँथ थामे इसी मंजरे-रक़्स

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दिल की ख़्वाहिशें

चाहे कितना भी दूर हूँ मैं तुमसे पर प्यार तो तुम्हारे पास ही है। In Hindi सुबह से शाम तक यूँ घूमती है खुशबू तेरी

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पतंग की डोर

पतंग की डोर से जुड़ा हूँ मैं तुमसे, कितना मुश्किल है दूर जाना। In Hindi वो पतंग की डोर जो मेरी आँखों से तुम्हारे जहन

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ख़त आज भी साँस लेते हैं

पता है तुमको सिर्फ़ तुम ही नहीं तुम्हारे खत भी साँस लेते हैं। In Hindi पुरानी कहानियों के सारे पत्ते बुन कर के उस छोटे

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सफ़र मेरी डायरी तक

तुम्हारे सारे आँसूं मैं डायरी के पन्नों पे समेत रखे हैं। In Hindi सीली हुई कहानियाँ सीले-सीले से पन्नो पर सफ़र मेरी डायरी तक का

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बड़ी दूर निकल आये

माँ तुम फिर से पुकारो न मुझे, बहुत डर लगता है जीने में अब भी। In Hindi पुराने पीपल पे खेलते चढ़ जाते थे हम

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वहीं पे खड़ा हूँ

इंतज़ार अब भी बाकी है, निगाहें अब भी तुमको तकती हैं। In Hindi जहाँ नीम के पेड़ में चाँद अटका पड़ा था पास वाले बाग़

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वक़्त फुरसत है

तुमको कैसे बताऊँ कि तुम क्या हो मेरे लिए। In Hindi वक़्त से पिघले हुए लम्हें की तरह तुम मेरी रूह में भटकती हो वक़्त

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भूली भटकी सी एक कहानी

तुम देश के पहरेदार बनकर हमको सुकून देते हो, और तुम्हारी वो छोटी कहानियाँ जो ज़मा-पूंजी है तुम्हारी हमको तुमपे नाज़ बहुत होता है। In

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चाँद फ़लक पे टांगा था

कुछ भी कर सकता हूँ मैं तुम्हारे लिये, चाहे एक नया चाँद ही बनाना हो। In Hindi उस रोज़ मेरे वीराने में जब मिलने आयी

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छोटा था लम्बा सफर

ज़िन्दगी का लम्बा सफर तुम्हारे साथ इतना छोटा क्यों लगता है? In Hindi मेरे पाने तुम्हारे खोने में कहानी यूँ बयां होगी ये नहीं जानते

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खामोश निग़ाहों से परे

समेट के रखा है तुमको लबों पे मेरे, कहीं पढ़ा न ले कोई कहानी हमारी In Hindi वक़्त की खामोश निग़ाहों से परे तुमको गुमनाम

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मेरे गुमनाम घर

तुम्हारी साँसों की महक से ज़िन्दगी बंधी है मेरी, अब घुटन तकलीफ़ देती है। In Hindi मेरे गुमनाम घर में मुझसा ही बसता है कोई

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