मैं भी पिघला हूँ तेरी सांसों में

Main bhi pighla hoon teri sanson mein

तेरे साँसों में उलझना और हौले-हौले से मचलना। मन खिला-खिला सा रहता है तेरी बाहों में सिमट के। कभी तू मेरे जैसा है कभी मेरी कहानियों जैसा। तेरा इश्क़ यूँ करता है आलिंगन मेरा जैसे बरगद के पेड़ की लतरें।

In Hindi

कितनी बार उलझा हूँ मैं तेरी सांसों में
गर्म आहें और उसमें जलती ठंढी सांसे
जैसे हर्फ़ पिघलते हैं खाली सफ़्हों पे
थोड़ा ही सही मैं भी पिघला हूँ तेरी सांसों में

In English


Kitni bar uljha hoon main teri sanson mein
Garm aahein aur usmein jalti thandi saansein
Jaise harf pighalte hain khali safhon pe
Thoda hi sahi main ahi pighla hoon teri sanson mein

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